धर्मेंद्र प्रधान : विद्यार्थी राजनीति से केंद्रीय शिक्षा मंत्री तक
धर्मेंद्र प्रधान (जन्म : 26 जून 1969) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं। वे ओडिशा के अंगुल जिले के तालचेर के निवासी हैं। विद्यार्थी राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र प्रधान विधायक, सांसद, राज्यसभा सदस्य तथा भारत सरकार में विभिन्न मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री रहे हैं। जुलाई 2021 से जुलाई 2026 तक उन्होंने भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया।
प्रारंभिक जीवन एवं राजनीतिक शुरुआत
धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में हुआ। उनके पिता डॉ. देबेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके थे। विद्यार्थी जीवन में धर्मेंद्र प्रधान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और यहीं से उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई। बाद में उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा तथा भारतीय जनता पार्टी के संगठन में विभिन्न दायित्व निभाए।
विधायक से संसद तक
वर्ष 2000 में धर्मेंद्र प्रधान पहली बार ओडिशा विधानसभा के पल्ललहारा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2004 में वे ओडिशा के देवगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद बने। इसके बाद वे मध्य प्रदेश तथा बिहार से राज्यसभा के सदस्य रहे। इस अवधि में उन्होंने संगठन और संसद, दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
केंद्रीय मंत्री के रूप में
वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान मिला। उन्हें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया। उनके कार्यकाल में रसोई गैस की उपलब्धता बढ़ाने तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। बाद में उन्होंने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा इस्पात मंत्रालय का भी दायित्व संभाला।
शिक्षा मंत्री के रूप में
जुलाई 2021 में धर्मेंद्र प्रधान को भारत का केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। शिक्षा मंत्री के रूप में उनका प्रमुख दायित्व राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाना रहा। उनके कार्यकाल में विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल-आधारित शिक्षा, भारतीय भाषाओं के संवर्धन तथा डिजिटल शिक्षा से संबंधित अनेक पहलें की गईं।
2024 का लोकसभा चुनाव
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा के संबलपुर लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्हें पुनः केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिक्षा मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया।
नवीनतम घटनाक्रम
25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य, राष्ट्रीय एकता तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों को और अधिक जटिल होने से रोकने के उद्देश्य से उन्होंने यह निर्णय लिया है। उनका इस्तीफा राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और उनसे जुड़े छात्र आंदोलनों की पृष्ठभूमि में आया। इस्तीफे के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया।
निष्कर्ष
धर्मेंद्र प्रधान की राजनीतिक यात्रा विद्यार्थी राजनीति से प्रारंभ होकर विधायक, सांसद, राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय मंत्री तक पहुँची। ऊर्जा, कौशल विकास और शिक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करने के कारण वे समकालीन भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में रहे। 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री पद से उनके इस्तीफे के साथ उनके सार्वजनिक जीवन का एक महत्त्वपूर्ण अध्याय समाप्त हुआ, जबकि भारतीय राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका जारी है।
- देवचंद्र भारती 'प्रखर'