नागपंचमी का सच : क्या यह वास्तव में एक बौद्ध पर्व है?
भारत में नागपंचमी को सामान्यतः एक हिंदू पर्व के रूप में जाना जाता है। इस अवसर पर नागों की पूजा, उन्हें दूध अर्पित करने तथा उनसे जुड़ी अनेक पौराणिक कथाओं का प्रचार किया जाता है। किंतु एक वैकल्पिक ऐतिहासिक दृष्टिकोण यह मानता है कि नागपंचमी का मूल संबंध नागवंशी शासकों और बौद्ध परंपरा से है, न कि सर्प-पूजा से। इस लेख में नागपंचमी के ऐतिहासिक, भौगोलिक और वैज्ञानिक पक्षों पर विचार किया गया है। नागपंचमी का अर्थ 'नागपंचमी' शब्द दो शब्दों 'नाग' और 'पंचमी' से मिलकर बना है। इसके दो प्रमुख अर्थ माने जाते हैं— 1. नागों की पंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी का दिन)। 2. पाँच नागों का समूह। हिंदी में 'नाग' शब्द केवल साँप का ही पर्याय नहीं है। इसका प्रयोग राजा, हाथी, पर्वत तथा नागवंशी समुदाय के अर्थ में भी मिलता है। लोकप्रचलित मान्यता पहले अर्थ पर आधारित है, जबकि दूसरे अर्थ के आधार पर कुछ इतिहासकार इसे पाँच नागवंशी शासकों की स्मृति से जोड़ते हैं। नागपंचमी का ऐतिहासिक पक्ष एक मत के अनुसार नागपंचमी उन पाँच प्रमुख नागवंशी राजाओं की स्मृति में मनाई जाती थी, जिन्होंन...